सोमबार, असोज ५ २०८३

५ असोज २०८३ , सोमबार | September 21, 2026 Monday

मुक्तक

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धेरै पटक लड़ें र उठें आफ्नै नजरमा
धेरै सिंडी चढ़ें र झरें आफ्नै नजरमा
के के भो के के ऐ जिन्दगी जिन्दगी
धेरै पटक शूल झैं गढ़ें आफ्नै नजरमा ।

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